सामाजिक एवं राजनीतिक बोध के कवि नारायण सुर्वे
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जनवादी बहुसंस्कृति राजनीतिक बोध पक्षधरतासार
साठोत्तरी मराठी कविता के सशक्त हस्ताक्षर नारायण सुर्वे को जनवादी कवि के रूप में पहचाना जाता है। मराठी कविता को अधिकाधिक जनोन्मुख बनाने का कार्य जिन कवियों ने किया, उनमें नारायण सुर्वे का नाम सर्वोपरि है। नारायण सुर्वे का जन्म सन् 1926 में हुआ। जन्म के साथ ही उन्हें नवजात अवस्था में उनकी माता ने कूड़ेदान में छोड़ दिया। इस अनाथ बालक को संतान की तरह पालन-पोषण करके उसे अपना नाम देने का काम गंगाराम सुर्वे नामक मील मजदूर ने किया। जन्म से लेकर मृत्यु तक नारायण सुर्वे ने जीवन-संघर्ष के कई प्रारूप देखे थे।
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प्रकाशित
2026-09-25
अंक
खंड
Articles
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सामाजिक एवं राजनीतिक बोध के कवि नारायण सुर्वे. (2026). वाग्धारा : बहुभाषिक पूर्व समीक्षित शोध पत्रिका, 1(1), 1-9. https://vagdhara.in/index.php/vagdhara/article/view/2