असम में नव वैष्णववाद के प्रचार-प्रसार में महापुरुष माधवदेव की भूमिका
Keywords:
नव वैष्णव, संगीतात्मक, सामाजिक प्रक्रिया, बरगीत, भक्तिरस, भक्ति आन्दोलनAbstract
महापुरुष माधवदेव के योगदान ने असमिया साहित्य, संस्कृति को बहुआयामी स्वरूप प्रदान किया। माधवदेव के योगदान से असमिया संस्कृति को एक नैतिक आधार प्राप्त हुआ, एक संगीतात्मक पहचान मिली। उन्होंने संस्कृति को जीवंत सामाजिक प्रक्रिया बनाया। आज भी सत्र संस्कृति असमिया जीवन का अभिन्न अंग है। बरगीत, नामघोषा आज भी हर असमिया व्यक्ति के दैनिक जीवन का हिस्सा है। भाषा, साहित्य, संगीत, नाटक, नृत्य हर क्षेत्र में उनका प्रभाव आज भी जीवित है। माधवदेव ने इस नव वैष्णव आंदोलन को दार्शनिक गहराई, साहित्यिक उत्कृष्टता और सामाजिक व्यापकता प्रदान की। माधवदेव केवल एक संत या कवि नहीं बल्कि बहुआयामी प्रतिभा के अधिकारी थे। उन्होंने असमिया समाज को धार्मिक कट्टरताओं, सामाजिक भेदभाव से उबारने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने भक्ति को केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित न करके उसे सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक परिवर्तन का माध्यम बनाया।